जानिये महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था, ये रहती है भस्म आरती की ड्रेस, पढ़ियेFeatured Article Knowledge News 

जानिये महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था, ये रहती है भस्म आरती की ड्रेस, पढ़िये

वैसे यह बात तो सच है कि जब महाकाल उसके सिर पर हाथ रख देंगे तो काल भी उसका क्या करेगा। कहा जाता है कि काल भी महाकाल के रौद्र रूप के सामने हाथ जोड़कर खड़ा रहता है। वैसे तो महादेव को अत्यंत सौम्य स्वभाव का व्यक्ति कहा जाता है, लेकिन शिव का यह रूप अत्यंत रुद्र है। महाकाल को उज्जैन का महाराजा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेना बहुत जरूरी है। अगर आप भी नए साल से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले हम आपको बता दें कि टिकट कितना होगा, भस्म आरती कब होगी और यहां दर्शन के लिए क्या पहनना होगा।

इसका है ऑनलाइन विकल्प

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल मंदिर परिसर समिति द्वारा दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की गई है। हालांकि, मंदिर में जाने से पहले आपको ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। जैसे ही आप बुकिंग एक्सेप्ट करेंगे, आपके फोन पर एक मैसेज आएगा। इसके अलावा जो लोग मंदिर नहीं आ सकते उनके लिए लाइव आरती में शामिल होने का भी विकल्प है।

ये रहता है टिकट

आपको बता दें कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भक्त रोजाना सुबह 6 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक 750 और 1500 रुपए के टिकट पर जाकर गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। आगंतुक बड़ा गणेश मंदिर के पास प्रोटोकॉल कार्यालय काउंटर से टिकट खरीद सकते हैं। आपको बता दें कि यहां टिकट के लिए काफी लंबी कतारें लगती हैं।

भस्म आरती में धारण किये जाते है ये वस्त्र

भस्म आरती के नियम आरती के दर्शन करने के कुछ विशेष नियम होते हैं। यहां सिर्फ पुजारियों को ही आरती करने का अधिकार दिया जाएगा, बाकी लोग ही देख सकेंगे। इस आरती को देखने के लिए पुरुषों को केवल धोती पहननी होती है, जबकि महिलाओं को आरती के दौरान सिर पर घूंघट करना पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि उस समय भगवान शिव निराकार रूप में होते हैं और महिलाओं को भगवान के इस रूप के दर्शन की अनुमति कदापि नहीं होती है।

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